मई 2026 की शुरुआत ज्योतिष के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. इस दौरान बुध ग्रह की स्थिति में बड़ा बदलाव होने वाला है, जिसका सीधा असर लोगों की सोच, कम्युनिकेशन और फैसले लेने की क्षमता पर पड़ सकता है. खास बात यह है कि यह बदलाव कुछ राशियों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है, इसलिए इस समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जा रहा है.ज्योतिष के अनुसार, जब बुध सूर्य के बेहद करीब आ जाता है, तो उसकी ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है, इसी स्थिति को बुध अस्त कहा जाता है. इस दौरान मानसिक भ्रम, गलतफहमी और कामों में देरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
क्या होता है बुध अस्त?
जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक करीब पहुंच जाता है, तो उसकी चमक कम हो जाती है और वह प्रभावी नहीं रह पाता. बुध ग्रह बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है. ऐसे में इसके अस्त होने पर व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. लोग बात समझने या समझाने में गलती कर सकते हैं, जिससे गलतफहमियां और तनाव बढ़ सकता है.
कब तक रहेगा बुध अस्त?
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बुध 28 अप्रैल 2026 से 23 मई 2026 तक अस्त रहेगा. इस पूरे समय को थोड़ा संवेदनशील माना जा रहा है, खासकर फैसले लेने और कम्युनिकेशन के मामलों में.
इन राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क
मेष राशि- इस समय जल्दबाजी भारी पड़ सकती है. गलत फैसले आर्थिक और प्रोफेशनल नुकसान दे सकते हैं, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है.
कर्क राशि- भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं. छोटी-छोटी बातों पर तनाव और गलतफहमियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए संयम रखना जरूरी होगा.
तुला राशि- करियर और पैसों से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है. काम में देरी या रुकावट आ सकती है, इसलिए बड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा.
मकर राशि- मानसिक दबाव और काम में बाधाएं महसूस हो सकती हैं.प्लानिंग बिगड़ सकती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी है.
किन बातों का रखें खास ध्यान
बिना सोचे-समझे कोई बड़ा फैसला न लें
जरूरी डॉक्यूमेंट्स ध्यान से पढ़ें
कम्युनिकेशन साफ और स्पष्ट रखें
जल्दबाजी और गुस्से से बचें
